12 जनवरी को होगी धर्म संसद

हिन्दुओ के घटते हुए जनसँख्या अनुपात और बढ़ते हुए जातिवाद का समाधान खोजने के लिये आयोजित होगी धर्म संसद-यति नरसिंहानन्द सरस्वती
प्रमोोद गिरी
 हरिद्वार। अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज आज"धर्म जगाओ, अस्तित्व बचाओ" अभियान के अंतर्गत आज देवभूमि के धर्मयोद्धा स्वामी दर्शन भारती जी महाराज,हिमाचल प्रदेश से योगी ज्ञाननाथ जी महाराज,हिन्दू स्वाभिमान के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष बाबा परमेन्द्र आर्य तथा अपने शिष्यगणो के साथ देहरादून आये,जहाँ उन्होंने यहाँ के प्रमुख हिंदूवादी संगठनों के साथ बैठक की और एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की आज सारे सनातन धर्मीयो के लिये गौरव का क्षण है जब लाखो बलिदानो के बाद हमे राम मंदिर मिला है।अब ये हमारी जिम्मेदारी है की भविष्य में कभी भी हमारा कोई मंदिर न तोडा जा सके।इसके लिये हमें वैचारिक रुप से उन विचारधाराओं को समाप्त करना होगा जो दूसरे धर्मों के धर्म स्थल तोड़ती हैं।यदि ऐसी विचारधाराएं रहेगी तो धरती पर रहेगी तो मानवता पर खतरा बना ही रहेगा इसीलिये आज प्रत्येक मानव का कर्तव्य है की वो ऐसी विचारधाराओं से वैचारिक संघर्ष करें और उनके फैलाव और विस्तार को रोके।आज प्रत्येक सच्चे सनातन धर्मी का कर्तव्य है की वो हर कीमत पर अपने धर्म और अस्तित्व की रक्षा के लिये स्वयं को तैयार करे ताकी कल कोई बाबर या औरंगजेब दोबारा हमारे मन्दिरो का विध्वंस न कर सके।
उन्होंने कहा की आज हिन्दू समाज की सबसे बड़ी तीन बीमारी हैं जो हिन्दू समाज को खोखला कर रही हैं।ये बीमारी हैं घटता हुआ जनसँख्या अनुपात, बढ़ता हुआ जातिवाद और हमारे बच्चों में धार्मिक संस्कारो की कमी।इस विषय में गम्भीर चिंतन करने हेतु संपूर्ण विश्व की आध्यात्मिक राजधानी हरिद्वार के अद्भुत मंदिर में भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ जी महाराज की अध्यक्षता में 12 और 13 जनवरी 2020 को धर्म संसद का आयोजन किया जायेगा जिसमे सनातन धर्म के सभी प्रमुख संतो और संगठनों को आमंत्रित किया जायेगा।धर्म संसद की सफलता के लिये नौ दिवसीय माँ बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया जायेगा।
उन्होंने देहरादून के सभी जागरूक हिन्दुओ से माँ बगलामुखी महायज्ञ और धर्म संसद के लिये तन,मन और धन से सहयोग करने का आह्वान किया।