जनहित का मामला उठाने पर पत्रकार को मिल रही है फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी
हिमांशु जोशी
नजीबाबाद।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में पत्रकारों को सुरक्षा का मिलना मुश्किल हो चला है सही मामले उठाने पर पत्रकारों को झूठे मुकदमों में दोषी द्वारा फर्जी मामले बनाकर फंसाया जा रहा है। बताते चलें कि सरकारी स्कूल पर अवैध कब्जा करने के आरोपी की शिकायत करना पत्रकार चौधरी सुदर्शन सिंह को महंगा पड़ रहा है। पत्रकार चौधरी सुदर्शन सिंह ने जिलाधिकारी व पत्रकार संगठनों को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा की मांग की है।सुदर्शन सिंह पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसवाने के लिए आरोपी शौपाल सिंह पीएचसी कोतवाली प्रभारी डा प्रमोद कुमार के पास पहुंचे और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए फर्जी मेडिकल बनबाने का प्रयास किया।जिस पर डा प्रमोद कुमार ने पत्रकार सुदर्शन सिंह को फोन पर बताया कि तुम्हारे गांव के शौपाल सिंह मेरे पास तुम्हारे खिलाफ मारपीट का मुकदमा दायर करने के लिए मेडिकल बनबाने आये है इसलिए तुम आज शाम चार बजे तक आकर कोतवाली पीएचसी में मिलो और समझौता करलो।डा प्रमोद कुमार ने यह भी कहा कि ये लोग पैसे वाले हैं तुम्हारी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने वाली है इनका लड़का पुलिस में इसलिए तेरा जेल जाना तय है। पत्रकार सुदर्शन सिंह ने बताया कि उन्होंने जिले के लोकप्रिय जिलाधिकारी बिजनौर एवं पुलिस अधीक्षक से निवेदन है कि क्या किसी दबंग द्वारा सरकारी स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जा करने की शिकायत करना गलत है।क्या एक पत्रकार को ऐसे मामले की शिकायत नहीं करनी चाहिए।क्या जिलें में केवल पैसे वालों की शिकायत सुनी जाती है। इस तरह प्रतिदिन शौपाल सिंह द्वारा नित नई नई घटनाएं दिखाकर पुलिस से दबाब बनबाना सही है।इन सबसे मेरा मानसिक व आर्थिक शोषण आरोपी द्वारा किया जा रहा है और शिक्षा विभाग द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।अब मैं इन झूठी शिकायतों से परेशान हो चुका हूं। और गांव छोड़ने को मजबूर हूं।मेरी पोस्ट यदि कोई पुलिस अधिकारी के संज्ञान में आये तो इस मामले में मुझे न्याय दिलाने का कष्ट करें।। सुदर्शन सिंह ने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अपनी सुरक्षा की मांग गुहार लगाई है।