साकेतवासी महंत रामरतन दास महाराज फौजी बाबा का समूचा जीवन रहा धर्मार्थ व परमार्थ को समर्पित: बाबा हठयोगी
संत-महंत, महाण्डलेश्वर के सानिध्य में हुआ श्री माता वैष्णो शक्ति भवन में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन
हरिद्वार, 24 नवम्बर। उत्तरी हरिद्वार भूपतवाला की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री माता वैष्णो शक्ति भवन के अधिष्ठाता साकेतवासी ब्रह्मलीन श्रीश्री 1008 महंत रामरतन दास महाराज फौजी बाबा की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि सभा आयोजित की गयी।
इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि संतों का समूचा जीवन परमार्थ को समर्पित रहता है। साकेतवासी श्रीश्री 1008 महंत रामरतन दास महाराज ने जीवन भर समाज सेवा कर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने जीवन पर्यन्त मानव कल्याण के सेवा प्रकल्प चलाये।
श्री माता वैष्णो शक्ति भवन के परमाध्यक्ष महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज संत समाज का गौरव थे। उन्होंने सदा अपने जीवनकाल में संत महापुरूषों का सदा सम्मान किया। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्हांेने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने देश के साथ-साथ विश्व में भी भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म का प्रचार प्रसार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। जिन्होंने अपने तप और विद्वता के माध्यम से सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार भारत ही नहीं अपितु विश्व भर में किया और गंगा तट से अनेकों सेवा प्रकल्प प्रारम्भ कर मानव सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। गंगा स्वच्छता व निर्मलता को लेकर उनके प्रयास समाज को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमहंत विनोद गिरि महाराज ने कहा कि महंत रामरतन दास महाराज अध्यात्म जगत की महान विभूति थे। जिन्होंने युवा संतों को प्रेरणा देकर सनातन धर्म के प्रचार प्रसार हेतु सदैव प्रेरित किया। असंख्य जीवों के उद्धार में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने हमेशा निर्बल, निराश्रित व असहाय लोगों को उद्धार करने में विशेष योगदान किया। उन्होंने कहा कि संत समाज को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देशहित व समाज हित में अपना योगदान सुनिश्चित करना चाहिए।
म.मं. स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज एवं स्वामी ऋषिश्वरानन्द महाराज ने ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंत रामरतन दास महाराज ने अपनी वाणी से हमेशा ही समाज का मार्गदर्शन किया। समाजोत्थान में उनका भरपूर योगदान रहता था। उन्होंने कहा कि उनके समाजोत्थान के कार्यों से सभी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सदैव समाज को एकता के सूत्र में बांधकर उन्नति की ओर अग्रसर किया। उन्हांेने कहा कि महंत रामरतन दास महाराज ज्ञान, धर्म एवं अध्यात्म के ऐसे प्रतीक थे। जिन्होंने तीर्थनगरी में सनातन संस्कृति की पताका फहरायी। उन्होंने नर सेवा को नारायण सेवा मान अपना पूरा जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित किया। ऐसे दिव्य महापुरूष को संत समाज नमन करता है। स्वामी विवेकानन्द ब्रह्मचारी ने श्रद्धाजंलि सभा का संचालन किया। श्री माता वैष्णो शक्ति भवन के संचालक महंत सुमित दास महाराज ने श्रद्धाजंलि सभा मंे पधारे संत-महंत, महाण्डलेश्वरों का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए कहा कि हमें गुरू चरणों में अपना जीवन समर्पित करना चाहिए तभी जीवन का कल्याण संभव हो पायेगा।
इस अवसर पर महंत कमलदास, महंत सच्चिदानन्द गोस्वामी, महंत केशवानन्द, महंत शांतिदास, महंत लक्ष्मण दास, म.मं. स्वामी जगदीशदास, महंत द्वारिकादास, महंत श्यामसुन्दर दास, महंत रामनवमी दास, महंत दामोदार दास, महंत शिवानन्द महाराज, महंत विष्णु दास महाराज, महंत रविदास शास्त्री, महंत उमानन्द, महंत विवेकानन्द, महंत रविन्द्रदास, महंत श्रवणदास, महंत कृपालुदास, महंत जमुनादास, महंत दिनेश दास, महंत अर्जुनदास, भक्त दुर्गादास, पार्षद अनिल मिश्रा, अनिरूद्ध भाटी, विनित जौली, मनोज महंत, रवि जैन, मदनलाल भाटिया, अजय सोनी, अनिल बंसल, तिलकराज गुलाटी, कमल आनन्द एडवोकेट, ओमप्रकाश बाली, मोहित कुमार सहित संत-महंत, महाण्डलेश्वर उपस्थित रहे।
श्री माता वैष्णो शक्ति भवन साकेत वासी महंत राम रतन दास महाराज की मनाई गई पुण्यतिथि