स्वयम्भू व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की वजह से व्यापार मंडल फिर तार तार होने की तैयारी में
हरिद्वार। सर्द हवाओं के बीच व्यापार मंडल हरिद्वार से गरमागरम हवा आ रही है।सूत्रों के हवाले से हरिद्वार व्यापार मंडल की राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही है व्यापारी नेताओं की आपसी खींचतान के चलते व्यापारी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं ।सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अपने आप को स्वयंभू अध्यक्ष कहलाने वाले अध्यक्ष बार-बार व्यापारियों व व्यापारी नेताओं को धोखे में रखकर अध्यक्ष पद पर आसीन हो जाते हैं ।जबकि शहर व्यापार मंडल उनके चेहरे को पसंद नहीं करता है ।सूत्रों के अनुसार व्यापारीयो ने अपना नाम ना छापने को चलते कहा कि सभी व्यापारी अंदर खाने स्वयंभू अध्यक्ष का विरोध करते रहते हैं। क्योकि उन्ही की वजह से व्यपार मंडल चार गुटों में बंट चुका है जिसका खामियाजा व्यापारी उठा रहे है सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कल व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा के हरिद्वार के अचानक दौरे से हरिद्वार व्यापार मण्डल की राजनीति में ठंड के दौरान गरमाहट आ गई है।सूत्रों ने बताया कि व्यापारियों का एक पुराना गुट ने प्रदेश अध्यक्ष से ना मिलने का मन बना लिया है। जबकि स्वयंभू अपनी खामियों को छिपाने के लिए आगंतुक प्रदेश अध्यक्ष को अमूल और मदरडेरी का मक्खन लगाने के लिए लाबिग करने में जुट गया है। जैसे ही व्यापारियों के एक गुट को प्रदेश अध्यक्ष के हरिद्वार आने की सूचना पता चली तो इस गुट ने आनन-फानन में मध्य हरिद्वार के एक होटल में अचानक व्यापार मंडल की कई इकाइयों के पदाधिकारियों को साथ लेकर आपस में बैठक कर विरोध जताने का मन बना लिया है ।सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कुछ व्यापारी नेताओं का कहना है कि व्यापार मंडल को सही दिशा देने के लिए हरिद्वार के दो गुटों को एक जगह शामिल किया गया था जिसमें कहा गया था कि समय रहते आपस में बैठकर योजनाबद्ध तरीके से व्यापार व व्यापारी हितों को लेकर चुनाव कराए जाएंगे। और अध्यक्ष पद पर जिसका बहुमत होगा उसी को अध्यक्ष बनाया जाएगा लेकिन अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए स्वयं शंभू जिला अध्यक्ष ने बिना व्यापारियों के किसी भी गुट को साथ या उनके संज्ञान लिए अपने आप को दोबारा से पद पर जिलाध्यक्ष पद पर आसीन कर दिया जिससे स्वयंभू जिला अध्यक्ष का विरोध धीरे धीरे शुरू हो गया था जो अब लावा बनकर प्रदेश अध्यक्ष के हरिद्वार आगमन पर उनके सामने फूटने वाला है।