किसानों के गन्ने का भुगतान शीघ्र करे सरकार: महंत शिवम पुरी
👉भारतीय किसान यूनियन ने मांगों लेकर दिया धरना
हरिद्वार, 22 जनवरी। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं की मांगों को लेकर सहायक गन्ना आयुक्त कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदेश प्रभारी शिवमपुरी त्रिकालदर्शी महाराज ने कहा कि सरकार किसानों के गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान शीघ्र कराया क्योंकि उत्तराखण्ड का किसान के गन्ने के भुगतान का समय से न होने से परेशान है। उन्होंने कहा कि देश का किसान नमक रोटी की लड़ाई लड़ रहा है। भाजपा के शासनकाल में ही किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। चीनी मिलें किसानों के बकाया भुगतान नहीं कर रही हैं। केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात कहती है लेकिन किसान बंधुआंे मजदूर बन रह गया है। स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। छह माह से किसान अपने भुगतान को लेकर परेशान हैं। चीनी मिलों के समक्ष अपना गन्ना लेकर हफ्तों पड़े रहते हैं। लेकिन कोई भी सुध लेने का तैयार नहीं है। किसान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। मिल मालिक किसानों का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे हैं। किसान अपनी समस्याओं से त्रस्त आ चुका है।
जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार लगातार किसानों की उपेक्षा कर रही है। मिल गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं कर रही हैं। पर्ची सही समय पर किसानों को उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। जिन कारणों से गन्ना खराब होने के कारण किसान आर्थिक रूप से नुकसान झेल रहा है। बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। किसानों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। महीनों से चीनी मिलों में किसानों का भुगतान ना होना किसान परिवारों पर संकट बढ़ रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों की कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से गन्ने का भुगतान किसानों को नहींे किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
मण्डल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्याएं करने को मजबूर है। सही समय पर पर्ची ना मिलना शुगर मिल के प्रबंधकों की कार्यशैली को दर्शा रहा है। गन्ने का भुगतान समय पर किया जाए। वरना उग्र आंदोलन से भी किसान पीछे नहीं हटेंगे। धरना देने वालों में विवेक, विक्की राठी, अरविन्द राठी, ओमप्रकाश, अभिषेक शर्मा, दीपू कश्यप, धर्मेन्द्र, अजीत राठी, सोमवीर सिंह, भूपेंद्र सैनी, देशराज, बबलू, जितेंद्र प्रधान, हरपाल सिंह, पंकज, ओमप्रकाश, अजीत, पुष्पेंद्र, तनुज शर्मा आदि शामिल रहे।
किसानों के गन्ने का भुगतान शीघ्र करे सरकार: महंत शिवम पुरी