नांगल सोती को मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा में शामिल ना करने पर ग्रामीणों ने गंगा आरती कर जताया रोष

 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंगा यात्रा में नांगल सोती को शामिल ना करने पर गंगा आरती कर ग्रामीणों ने कराया प्रशासन को गुस्से का इजहार


नांगल सोती। सरकार की उपेक्षा के चलते जनपद बिजनौर का ग्राम नांगल सोती विकास का दंश झेल रहा है ।जब नांगल सोती के विकास की ओर बढ़ने का समय आया तो जनपद के प्रशासनिक अमले ने पुराणों में वर्णित अर्गलापुरी काशी के नाम से विख्यात (प्रसिद्ध ) नांगल सोती को उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंगा यात्रा में शामिल नहीं करके अपनी मानसिकता का नागल के प्रति दे दिया है जिससे जनपद के प्रभारी मंत्री भी नाराज दिखाई पड़ रहे हैं।लगता है प्रशासनिक अमला व प्रशासनिक अधिकारी नांगल सोती के विकास को नहीं होना चाहते हैं प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के चलते जो चारों धाम की यात्रा का मुख्य द्वार हुआ करता था आज मुख्यमंत्री की एक गंगा यात्रा से वंचित होता दिखाई पड़ रहा है जबकि पर्यटन की दृष्टि से देखा जाए तो नांगल सोती का विकास चरम सीमा पर हो सकता है लेकिन शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते नांगल सोती का विकास नहीं हो पाया है जिससे यहां के लोग शहर की ओर पलायन करते नजर आ रहे हैं मुख्य बाजार की रौनक भी समाप्ति की ओर अग्रसर है जहां एक और चारों तरफ के गांव देहात के लोग आकर के यहां के बाजार में खरीदारी करते थे आज यहां का बाजार सुना सुना दिखाई पड़ता रहता है शासन-प्रशासन की अनदेखी की मार यहां के व्यापारियों पर पड़ी तो यहां के निवासियों पर भी उसका असर अत्यधिक पड़ा।आपको नांगल सोती में प्रत्येक दिन शाम के समय मंदिरों में व गंगा तट पर गंगा आरती के साथ साथ घंटी घड़ी यावल बजते  नजर आयेंगे । मां गंगा के पतित पावन तट पर कार्तिक पूर्णिमा का गंगा स्नान बिना किसी सरकारी सहयोग के भव्यता से ग्राम सभा द्वारा आयोजित किया जाता है परंतु शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते मेले में कोई सरकार की तरफ से सुख सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं जहां देश में मोदी सरकार नमामि गंगे योजना को लाकर गंगा के अस्तित्व को बचाने की  लड़ाई लड़ रही है तो वही जनपद बिजनौर के प्रशासन की अनदेखी के चलते नांगल सोती में मां गंगा के विराट रूप को अनदेखा किया जा रहा है जबकि गंगा के तट पर आसपास के गांव के लोग मृतक व्यक्ति को दाह संस्कार के लिए भी लाते हैं जिससे मां गंगा मृतक व्यक्ति को अपने आगोश में ले कर जन्म जन्मांतर के योनियों से मुक्ति दिलाकर स्वर्ग को भेजने का काम मा गंगा करती है।, कार्तिक पूर्णिमा मेला ,अमावस्या दशहरा आदि धार्मिक पर्व पर भारी मात्रा में हजारों की संख्या में गांव के लोग सुगम रास्ते से गंगा जी तक पहुँचते हैं। साथ ही सैकड़ों गांव के मृतक शवों  का दाह संस्कार नांगल सोती के गंगा तट पर हजारों वर्षों से होता चला आ रहा है ।परंतु प्रशासन की अनदेखी के कारण मात्र 800मीटर की दूरी माँ गंगा जी की पवित्र धारा एवम उत्तर प्रदेश का प्रथम गंगा घाट एवं प्रवेशद्वार नमामि गंगे से छूट गया।जनपद के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नागल सोती को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गंगा यात्रा में शामिल न करने जनपद बिजनौर के प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की है जबकि स्थानीय भाजपाई नेता वह नमामि गंगे के संयोजक भी उक्त मामले को लेकर खास है नाराज दिखाई पड़ रहे हैं उन्होंने अपना मन मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करने का बना लिया है अब देखना है कि स्थाई स्थानीय भाजपा नेता वह नमामि गंगे के संयोजक अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में कितने सफल होंगे।नांगल सोती की प्रशासन द्वारा उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने मा गंगा जी की आरती  कर अपने गुस्से का इजहार प्रशासन को करा दिया है गंगा आरती करने वालो में सुभाष पंडित,सुबोध वर्मा,वीरेंद्र शर्मा ,अतुल अग्रवाल ,परमेश अग्रवाल , अनुज अग्रवाल , कुलदीप अग्रवाल, अनिल अग्रवाल , सुशील शुक्ला , गोपाल शर्मा ,मुकेश शर्मा , पंकज पाल ,सचिन वर्मा , महाराज तिलकधारी जी मनोज जाट,मुकेश पाल , जितेंद्र पाल सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भाजपा ग्रामीण मंडल नजीबाबाद के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा को लेकर उन्होंने भाजपा संगठन ने सामने नांगल सोती से मुख्यमंत्री की गंगा यात्रा को शुभारंभ करने के लिए कहा और अपनी बात जनपद के प्रभारी मंत्री के सामने जोरदार रखी कि जनपद बिजनौर में गंगा का मुख्य द्वार नांगल सोती है तो मुख्यमंत्री जी की गंगा यात्रा नांगल सोती से शुरू होनी चाहिए।