जनवरी में उत्तराखण्ङ को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री?
प्रमोद गिरि
देहरादून/दिल्ली। उत्तराखंड की बर्फीली हवाओं के बीच दिल्ली से राजनीति की गर्म हवाये तेजी से उत्तराखंड की ओर बढ़ रही है।दिल्ली राजनीतिक सूत्रों के अनुसार झारखंड की हार के बाद दिल्ली दरबार में बैठे भाजपा के आलाकमान को दिल्ली ,उत्तराखंड और बिहार के चुनाव को लेकर बेचैनी सी बढ़ गई है। जिसके चलते शीघ्र ही भाजपा आलाकमान प्रदेशों में बड़ा फेरबदल करने के मूड में दिख रहे हैं ।राजनीतिक सूत्रों के अनुसार दिल्ली में बैठे भाजपा के आलाकमान उत्तराखंड में शीघ्र ही नेतृत्व परिवर्तन के मूड में दिख रहे है।सूत्रों के अनुसार भाजपा उत्तराखण्ङ में 2022 के विधान सभा चुनाव जीतने के साथ साथ 2024 के लोकसभा चुनाव को जीत कर देश की सत्ता हासिल करना चाहती हैं।सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमान भाजपा शासित प्रदेशों में भाजपा की हार से बौखला गए हैं जिसके चलते वे अब कोई रिक्स नहीं उठाना चाहते हैं उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार में सन 2021 में विश्व प्रसिद्ध महाकुंभ का आयोजन होना है जिसका संदेश देश-विदेश में जाना है लेकिन कुंभ के कार्य जस के तस पड़े है जिसको को लेकर तीर्थ नगरी के साधु-संतों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी सरकार के खिलाफ अंदर ही अंदर धुआ सुलगने लगा है।कुम्भ मेला कार्यों की धीमी गति को लेकर हरिद्वार के मुख्य संतों ने पिछले दिनों विरोध भी किया था ।साधु संतो ने देहरादून मुख्यमंत्री से मिलकर महाकुंभ मेला कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा था लेकिन महा कुंभ कार्यों में को तेज गति नजर नहीं आ रही हैं ।राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक सूबे के मुख्यमंत्री की कार्यशैली से कार्यकर्ताओं से लेकर सरकार में बैठे मंत्री व विधायक भी परेशान व दुुुखी हैं। साथ ही साथ कार्यकर्ता भी अंदर खाने विरोध करने लगे हैं। नाम ना छापने के चलते भाजपा के कुछ शीर्ष नेताओं ने यहां तक कहा कि सन 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को विधान सभा चुनाव में जीतने के लिए कोई मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।कांग्रेस को ना किसी मुद्दे की ओर न किसी राजनीतक हथकंडे की जरूरत पड़़ेगी।सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमाान द्वारा उत्तराखंड को सौपे गए अनभिज्ञ राजनीतिक क्षमता विहीन मुख्यमंत्री की कार्यशैली से ही हार का मुंह देखना पड़ेगा। समय रहते भाजपा आलाकमान ने उत्तराखंड
की ओर ध्यान नहीं दिया तो उत्तराखण्ङ का भी झारखंड की तरह हश्र होगा।राजनीतक सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में बैठे भाजपा आलाकमान ने उत्तराखंड की नब्ज टटोलते हुए शीघ्र ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को बदलने का मन बना लिया है क्योंकि भाजपा आलाकमान देश में चल रही मोदी लहर के बीच भी पांच राज्यों में हार का मुंह देख चुके हैं लेकिन अब आगे कोई रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं ।सन 2022 के विधान सभा चुनाव को लेकर दिल्ली दरबार में अभी से मंथन शुरू हो चुका है ।सूत्रों का कहना हैं कि भाजपा आलाकमान जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक उत्तराखंड को नया मुख्यमंत्री दे सकते है?।