उत्तम श्रेणी की ट्रेनिंग की आवश्यकता है उत्तराखंड मित्र पुलिस को
देहरादून । पुलिस विभाग में मित्र पुलिस का दायित्व निभाने वाली उत्तराखंड मित्र पुलिस की कार्यशैली पर आए दिन सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं जिस पर आला अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है जिसके चलते आए दिन उत्तराखंड मित्र पुलिस के जवानों पर कोई ना कोई आरोप लगता रहता हैं पिछले कई महीनों से उत्तराखंड मित्र पुलिस के कांस्टेबल पर देह व्यापार का आरोप , तो कहीं पर अपने ही पुलिसकर्मी साथी को मौत के घाट उतार देने का संगीन आरोप तो कहीं पर सट्टे के कारोबारियों से मिलीभगत का आरोप तो कहीं पर शराब माफिया व खनन माफियाओं से मिलीभगत के आरोप उत्तराखंड मित्र पुलिस का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। उत्तराखंड मित्र पुलिस पर लग रहे आरोपों से उत्तराखंड मित्र पुलिस की साख पर बट्टा लग रहा है। ओर उत्तराखंड मित्र पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं ? उत्तराखंड मित्र पुलिस के आला अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं कि ट्रेनिंग के दौरान मित्र पुलिस के कांस्टेबलों को उत्तम श्रेणी की ट्रेनिंग नहीं दी जा रही है । जिससे समाज को अपराध मुक्त बनाने वाली मित्र पुलिस स्वयं ही अपराध की ओर अग्रसर क्यों हो रही है । ट्रेनिंग के दौरान पुलिस कांस्टेबल को उच्चतम श्रेणी की ट्रेनिंग दी जाती हैं जिसमें मनोविज्ञान ,पब्लिक रिलेशन आदि विषय पर भी शिक्षा दी जाती है ।लेकिन पिछले दिनों से अपराध की ओर मित्र पुलिस के बढ़ते कदम ट्रेनिंग व अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं ?।जब अपराध मुक्त समाज देने वाली पुलिस ही अपराध करने लगे तो आम जनमानस का क्या होगा। उत्तराखंड मित्र पुलिस के आला अधिकारियों को समय-समय पर मित्र पुलिस के अधिकारियों व पुलिस कर्मियों की कार्यशाला आयोजित कर पुलिस में बढ़ रहे अपराध को रोकने पर जोर देना चाहिए। उत्तम श्रेणी की ट्रेनिंग से उत्तराखंड मित्र पुलिस पर लग रहे आरोपों में कमी आएगी और उत्तराखंड में पुलिस का चेहरा मित्र जैसा दिखाई देगा। यदि समय रहते उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों ने इस और ध्यान नहीं दिया तो उत्तराखंड पुलिस में बढ़ते अपराध को कोई नहीं रोक सकता और उत्तराखंड मित्र पुलिस की भयावह स्थिति को कोई रोक नहीं पायेगा । उत्तराखंड सरकार को भी इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए कि उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल अपराध की ओर क्यो अग्रसर हो रहे हैं ट्रेनिंग के दौरान किन कमियों के चलते पुलिसकर्मी अपराध को अपना रहे हैं उस कमी को दूर किया जाए।ओर उत्तराखंड मित्र पुलिस की छवि को धूमिल होने से बचाया जा सके।