संगठित रहकर ही हो सकता है समाज का विकास :विश्वकर्मा

संगठित रहकर ही हो सकता है समाज का विकास :विश्वकर्मा


नजीबाबाद ।संगठित रहकर ही हो सकता है समाज का विकास, बिखरे हुए समाज का उत्थान कभी संभव नहीं है यह कहना अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा का है श्री विश्वकर्मा आज अपने एक सामाजिक कार्यक्रम में नजीबाबाद कोतवाली रोड पर स्थित अरविंद विश्वकर्मा के प्रतिष्ठान पर एक विश्वकर्मा समाज की गोष्ठी में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से वार्ता कर रहे थे उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज की जनसंख्या कई और बिरादरी और से अधिक है लेकिन हमारा समाज गांव मोहल्ले में बिखरा होने के कारण अपनी राजनीतिक ताकत नहीं बना पा रहा है इसलिए विश्वकर्मा समाज उपेक्षा और उत्पीड़न का शिकार होता है शासन प्रशासन में विश्वकर्मा समाज की सुनवाई ना के बराबर है उन्होंने कहा कि विधानसभा में कोई भी हमारे समाज का प्रतिनिधि नहीं है जो हमारी बात सरकार तक पहुंचा सके हमें अपने समाज को ऊपर उठाने के लिए एकजुट होकर अपनी मजबूत ताकत बना कर समाज की राजनीति में मजबूत पकड़ बनानी होगी तभी हमारे समाज का विकास और उत्थान होगा उन्होंने कहा कि एकजुट समाज सामाजिक ताकत दिखाकर ही राजनीति में आगे बढ़ा जा सकता है उन्होंने जनपद बिजनौर के सभी विश्वकर्मा समाज के बंधुओं से एकजुट होकर अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा से जुड़ने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि दे हर समय समाज के लिए समर्पित है जहां कहीं भी उनकी आवश्यकता हो वे 24 घंटे अपने समाज के लिए तैयार हैं वरिष्ठ नागरिक सेवानिवृत्त शिक्षक यश राम शर्मा की अध्यक्षता एवं संदीप शर्मा के संचालन में आयोजित गोष्ठी में अरविंद विश्वकर्मा, कोमल कुमार, नवनीत विश्वकर्मा  पंकज कुमार  अवधेश कुमार  राजीव  कुमार आशुतोष विश्वकर्मा ,विनीत कुमार विश्वकर्मा  मास्टर ओमपाल सिंह  अरुण कुमार  हरीश विश्वकर्मा  सत्यपाल सिंह संदीप कुमार, देवेंद्र सिंह, रितिक विश्वकर्मा, तनिश कुमार, आदि बड़ी संख्या में समाज के नागरिक उपस्थित रहे