पुरानी हरिद्वारी रोड के जीर्णोद्धार को लेकर बैठे हैं 5 गांव के लोग धरने पर

बालाजी धाम पर ग्रामीणों को धरना शनिवार को भी जारी
पुरानी हरिद्वारी रोड के जीर्णोद्धार को लेकर बैठे हैं धरने पर
पांचों गांवों की महिला स्वयं सहायता समूहों ने भी धरने का समर्थन किया
संतों समेत बड़ी संख्या में पांचों गांवों के लोगों ने की धरने में शिरकत
हरिद्वार/गाजीवाली। पुरानी हरिद्वारी सड़क के जीर्णोंद्धार को लेकर बालाजी धाम गाजीवाली में श्रीबालाजी धाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि  महाराज की अगुवाई में चल रहा ग्रामीणों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार के धरने में सुबह से ही महिलाओं भारी भीड़ जुटी। इसके अलावा संतों का भी खासा जमावड़ा रहा। धरने में गाजीवाली गांव के पूर्व प्रधान नंदराम और गाजीवाली के वर्तमान उप प्रधान गंगाधर भी सुबह से ही धरने में बैठे रहे।ज्ञात हो कि पुरानी हरिद्वारी रोड (जो कि कुंभ क्षेत्र में घोषित है) का जीर्णोद्धार के लिए पास हो चुकी है लेकिन बजट न होने के कारण सड़क का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि भाजपा की केंद्र में सरकार है और उत्तराखण्ड में सरकार है। यहां तक कि इस क्षेत्र से सांसद भी भाजपा का और विधायक भी भाजपा का ही है। लेकिन सड़क की तरफ न तो विधायक और न ही सांसद का ध्यान जा रहा है। मजबूरन ग्रामीणों को धरना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय तो सभी बोलते हैं कि आपके क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन आज तक सभी लालीपाप देकर भूल जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा का जवाब आने वाले चुनाव में दिया जायेगा। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को सुनने देखने के लिए नहीं पहुंचा। न तो सांसद और न ही क्षेत्रीय विधायक। पूर्व प्रधान नंदराम का कहना है कि सड़़क तो वर्षों पहले पास है, लेकिन उदासीनता के चलते सड़क जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी है। ग्राम कांगड़ी से लेकर पीली तक की हरिद्वारी रोड की दुर्दशा से लोग आजिज आ चुके हैं। इस रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं है। गड्ढों की भरमार है। रात्रि में तो लोगों को खासी परेशानी होती है।  ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बीत गये इस सड़क की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। सरकार और जनप्रतिनिधियों को लोगों की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है। इसी उदासीनता के चलते ग्रामीण, संतों और बच्चों को धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस जर्जर सड़क से सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों को परेशानी होती है। वह स्कूल जाते वक्त कीचड़ और गड्ढों में गिरते रहते हैं। शनिवार को धरने में योगी श्रद्धानाथ, गाजीवाली के पूर्व प्रधान नंदराम, गाजीवाली के वर्तमान उप प्रधान गंगाधर, पंडित अशोक नवानी, सोहन सिंह, राजेंद्र प्रसाद जोशी, प्रदीप कुकरेती,  महानंद सरस्वती, दमयंती देवी, लालवती, गुड्डी नेगी, ऋषि कुमार, राजू जोशी, नारायण शर्मा, बलजीत कौर, प्रेम प्रकाश, नैना मिश्रा, मधुली देवी, सोनिया नवानी, रीना देवी, चंपा देवी, भगवती देवी, आनंदी, श्रवण कुमार, योगी अवनाथ, बचन सिंह, खुशहाल   सिंह, महानंद सरस्वती, प्रशांत  सिंह, उदयभान सिंह, महेश कुमार, देवकी नंदन, प्रशांत, देशराज, कुसुम देवी, ओमवती, उषा देवी, लीलाधर जोशी, कन्हैया जोशी, राजू जोशी, लक्ष्मी देवी, आशा शर्मा, सत्यपाल, मनीष कुमार, अशोक कुमार, गंगाधर, विक्रम सिंह, मंगलेश, कुलदीप, आशीष, पिंटू मिश्रा, बिल्लू मिश्रा, तेजपाल,  जेपी बडोनी, रवि जैन, रीना देवी, भावना देवी, विशाखा, शिवानी पन्त, विश्ववीर गुप्ता, मंजू शर्मा, खुशी, सतेंद्र सिंह, कुंवर  सिंह बिष्ट, राम सिंह रावत, लक्ष्मण, मोना देवी, अनिल शर्मा, लक्ष्मी देवी, रविता देवी, सुरेश कुमार, भगत सिंह,  हरीश चंद्र, सचिन, डोली, गीता, बृजमोहन, सुलेखा, चंद्र मोहन सिंह नेगी समेत तमाम ग्रामीण उपस्थित रहे।