जूना अखाड़ा के संतों की हत्या में लिप्त लोगों को मिले फांसी की सजा :प्रमोद गिरि

जूना अखाड़ा के संतों की हत्या में लिप्त लोगों को मिले फांसी की सजा :प्रमोद गिरि
(अनुपम त्यागी)
हरिद्वार ।महाराष्ट्र के पालघर में जूना अखाड़ा के संतो की हुई निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में विश्वगुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज उत्तराखंड कड़े शब्दों में भर्त्सना व निंदा करते हुए अपने दशनामी जूना अखाड़े के साथ गोस्वामी समाज तन मन धन से खड़ा हुआ है उक्त उद्गार विश्वगुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद गिरी ने कहे। प्रमोद गिरी ने कहा कि संतों का जीवन राष्ट्र के कल्याण के लिए होता है दशनाम जूना अखाड़े के संत देश के हर संकट में सबसे आगे रहते हैं लेकिन महाराष्ट्र में जो घटना जूना अखाड़ा के संतो के साथ हुई है उसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है महाराष्ट्र सरकार वह केंद्र सरकार यदि जूना अखाड़े के संतों की हत्या पर चुप रहती है तो देश का गोस्वामी समाज अपने दशनामी जूना अखाड़े के साथ मिलकर महाराष्ट्र के लिए कुच करेगा और अपने संतो की हुई निर्मम हत्या का बदला लेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से जूना अखाड़ाा के संतो की निर्मम हत्या की जांच कराकर दोषियोंं के खिलाफ मृत्युदंड की मांंग है। विश्व को विश्व गुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज के प्रदेश महामंत्री विशाल गोस्वामी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार संतो की हत्या पर चुप बैठी है जिससे यह प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र सरकार संतों की हत्या को लेकर सजग नहीं है देश के गोस्वामी समाज से आह्वान कर कर के जूना अखाड़े के संतों के नेतृत्व में महाराष्ट्र कुच किया जाएगा और वहां की हत्यारी सरकार को जगा कर जुना अखाड़ा के संतो की हत्या का बदला लिया जाएगा। गोस्वामी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज गिरि व संदीप गोस्वामी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार जूना अखाड़ा के संतों की हत्या पर मौन व्रत धारण करे हुए हैं आज तक हत्यारों को कोई कड़ी सजा नहीं दी गई है गोस्वामी समाज जूना अखाड़ा के संतो के हत्यारों को  फांसी की सजा की मांग करता है। प्रदेश कोषाध्यक्ष बादल गोस्वामी ने कहा कि गोस्वामी समाज जाग चुका है महाराष्ट्र के गोस्वामी समाज व देश के गोस्वामी समाज इकट्ठा होकर अपने दशनामी जूना अखाड़े के संतों की हत्या का बदला लेने के लिए सरकार से कड़ी सजा की मांग करता है ।इस दुखद घटना पर बलराम गिरी कड़क,शिवेंद्र गोस्वामी,आंनद गोस्वामी,राजेंद्र नाथ गोस्वामी,मा अमित गोस्वामी,कोमल गिरि, डॉ अशोक गिरि, एड सुधीर गिरि,कुणाल गिरि,कुमेश गिरि,उमेश गिरि,शत्रुघन गिरि, प्रदीप गिरि ,कुलदीप गिरि, चांद गिरि ,मोनी गिरि ,दिनेश गिरि,सहित सभी ने एक दूसरे को फोन करके महाराष्ट्र पालघर में हुई जूना अखाड़ा के संतों की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में भर्त्सना की।