रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों की आजीविका हो सुरक्षित :संजय चोपडा
*हरिद्वार।नेशनल एसो. ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) द्वारा देश के लगभग 26 राज्यो के रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) संगठनों के प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन की परिस्थितियों व कोविड -19 की महामारी के दृष्टिगत देश के कई राज्यो में रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों की आजीविका किस प्रकार से सुरक्षित हो सके और स्ट्रीट वेंडर्स का कारोबार भी संचालित हो उद्देश्यो के पूर्ति के दृष्टिगत नेशनल एसो. ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह के अध्यक्षता व राष्ट्रीय समन्वयक अरबिंद सिंह की प्रतिवेदन प्रस्तुति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लॉकडाउन की अवधि को देखते हुए प्रथम बार आयोजन हुआ। जिसमे उत्तराखंड के फुटपाथ के रेडी पटरी, फेरी टोकरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों का प्रतिनिधत्व करते हुए लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने उत्तराखंड की भगौलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत लॉकडाउन की अवधि को देखते हुए वर्तमान परिस्थिति के साथ लघु व्यापारियों की समस्या के निदान के लिए अपना प्रतिवेदन नासवी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रस्तुत किया। वीडियो कॉन्फ्रेंस का संचालन नासवी के इस कार्येक्रम के आयोजक राकेश त्रिपाठी ने किया। जिसमे पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिल नाडु, चेन्नई, नई दिल्ली, बिहार इत्यादि राज्यो के स्ट्रीट वेंडर्स प्रतिनिधियों ने कोरोना वायरस की महामारी के वजह से अपनी आर्थिक बदहाली, रोज़गार की सुरक्षा व अपनी आजीविका को सुरक्षित करने की पूर्ति के लिए केंद्र व राज्य सरकारो से अपनी मदद की गुहार को लेकर किया विस्तारिक रूप से मंथन।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के अवसर पर उत्तराखंड के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष, नासवी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय चोपड़ा ने कहा देश के सभी राज्यो के मुख्यमंत्रियों को क्षेत्रीय संगठनों द्वारा प्रस्ताव दिए जाने चाहिए कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत देश के सभी रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) जोकि कोविड -19 की इस महामारी के दौरान देश के आबादी के क्षेत्र को बेहतर सुविधाओ के संकल्प के साथ फ्रूट, सब्ज़ी, दूध इत्यादि रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तु पहुँचाने में अपनी अग्रिम भूमिका निभा रहे है उन सभी रेडी पटरी वालो के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से ढाई-ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाना न्यायसंगत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में सभी शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रो के (स्ट्रीट वेंडर्स) अपनी रेडी पटरी व फेरी के माध्यम से लॉकडाउन खुलने की अवधि के दौरान सप्लाई चैन व्यवस्था को बनाये हुए है लेकिन बिक्री आम दिनों जैसी ना होने के कारण व्यापार में नुकसान ज़्यादा हो रहा है और राज्य सरकार की घोषणा एक- एक हज़ार रुपये असंगठित क्षेत्र के रेडी पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स को दिया जाना था जोकि अभी तक रेडी पटरी वालो को नही मिल पाया है आगे लॉकडाउन खुलने के उपरांत सभी रेडी पटरी वालो के लिए अपनी आजीविका चलाना चुनौती पूर्ण होगा इसके लिए अभी से राज्य सरकारों को गहरे मंथन के साथ देश के गरीबी रोज़गारों को सुरक्षित रखने के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य करने होंगे।