विश्व कल्याण की ऊर्जा मिलती है भगवान परशुराम की शिक्षाओं से: प० बाल कृष्ण शास्त्री

*-तीर्थ नगरी में अक्षय तृतीया पर परिवार के साथ हवन कर किया संकल्प
*भगवान परशुराम ने सर्व समाज के हितों की दी शिक्षा :प्रमोद गिरि
भगवान परशुराम दया क्षमा और करुणा के पुंज थे:प्रदीप शर्मा
हरिद्वार। उत्तराखंड में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते भगवान परशुराम का जन्मोत्सव तीर्थ नगरी में लोगों ने अपने घरों में पूजा पाठ हवन करके धूमधाम से मनाया भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के प्रदेश संयोजक पंडित बालकृष्ण शास्त्री ने अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के जन्मोत्ससव पर हवन यज्ञ में आहुति डालकर भगवान परशुराम की शिक्षाओं पर चलने का संकल्प दोहराया। कोरोना महामारी के चलते लोकडाउन की मर्यादाओं का पालन करते हुए बाल कृष्ण शास्त्री ने हवन यज्ञ में सपरिवार पूर्णाहुति डालते हुए वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निजात दिलाकर देश व विश्व के कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की शिक्षाओं को अपनाकर मनुष्य को विश्व कल्याण की ऊर्जा प्राप्त होती है। अखिल भारतीयब्राह्मण एकता परिषद के जिला संयोजक प्रदीप शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम ने जीवन पर्यंत सर्व समाज के हित में काम किया। भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम मानव शरीर में अवतरित हुए। भगवान परशुराम दया, क्षमा और करुणा के पुंज हैं। उनका शौर्य प्रताप समस्त मानव जाति को ऊर्जा प्रदान करता है।प्रदीप शर्मा ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया का मानव जीवन में विशेष महत्व है। भगवान परशुराम के साथ ही पूरे विश्व को पवित्र करने वाली मां गंगा का भी अवतरण दिवस अक्षय तृतीया है। वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को सूर्य, चंद्रमा अपने उच्च प्रभाव में होते हैं। उनका तेज सर्वोत्तम होता है। सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार यह सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस तिथि को शुभ तिथि मानते हुए कोई भी कार्य करने का लाभदायक फल मिलता है। उन्होंने कहा किअक्षय तृतीया को द्वापर युग का समापन तथा सतयुग व त्रेता युग का आरंभ माना जाता है। इस तिथि को ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है जो सर्व सिद्धि प्रदान करने वाली है। इस दिन हवन यज्ञ, विधि विधान से पूजा, दान, पुण्य करने से सुखद फल मिलते हैं तथा सत्य, न्याय, धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति मनुष्य को मिलती है। विश्व गुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद गिरी वह महामंत्री विशाल गोस्वामी ने संयुक्त रूप में कहा कि कोरोना महामारी के चलते लोक डाउन के कारण इस बार सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित नहीं हो सके। भगवान परशुराम ने सर्व समाज के हित की शिक्षाएं हमें प्रदान की है। उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत मानव जाति के कल्याण में जुटे हैं। वैश्विक महामारी घोषित हो चुकी कोविड 19 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व को सकारात्मक राह दिखाई है। यही कारण है कि विश्व समुदाय के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन भी नरेंद्र मोदी के द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के हित को ध्यान में रखते हुए लोगों को भगवान परशुराम की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए लॉक डाउन का पालन लगातार करते रहना है ताकि हम अपने साथ अपने समाज, प्रदेश व देश को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने समस्त को अक्षय तृतीया व भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं दी।