कलयुगी गंगा पुत्र कही लगा ना देे चूना, रहे सावधान ? पढ़िए पूरी खबर

कलयुगी गंगा पुत्र कही लगा ना देे चूना, रहे सावधान ?


हरिद्वार। तीर्थ नगरी में पिछले कुछ वर्षों से एक कलयुगी गंगा पुत्र ने अधिकारियों की चाटुकारिता कर अपने को चरित्रवान गंगा पुत्र बनने की कोशिश को तेजी से तीर्थ नगरी में फैलाया जबकि जिस संस्था से कलयुगी गंगा पुत्र का तीर्थ नगरी में अवतरण हुआ था उस संस्था ने कुछ खामियां देखते हुए कलयुगी गंगा पुत्र को अपनी संस्था से( रुखसत) बाहर का रास्ता दिखा दिया है।लेकिन कलयुगी गंगा पुत्र को तो गंगा जल की आदत पड़ गई थी क्योंकि कलयुगी गंगा पुत्र ने गंगा जी की सेवा साफ सफाई में लाखो के माल को अंदर किया है तो उस मुंह लगे गंगा जल को कलयुगी गंगा पुत्र  कैसे हटाए?।संस्था से रुखसत होने पर नई संस्था खड़ी करके कलयुगी गंगा पुत्र होने के लिए मीडिया का पूरा ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया फिर जब मीडिया का कैमरा इस कलयुगी गंगापुत्र की तरफ घुमा तो कलयुगी गंगा पुत्र ने तेजी से अधिकारियों की चाटुकारिता कर कई अधिकारियों व ठेकेदारों की बीच में अपनी पकड़ बनाकर लाखों का माल अंदर करने का काम किया तो कई को गंगा के नाम पर चूना लगाया।वही दूसरी ओर तीर्थनगरी में भी अधिकारियों का सहारा लेकर अपने आपको कलयुगी गंगा पुत्र स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते तीर्थ नगरी में सैकड़ों की संख्या में धार्मिक संस्थाएं धरातल पर अपना अपना काम समाजहित कार्य करने में जुटे हुए है तो वहीं दूसरी ओर कलयुगी गंगा पुत्र ने यहां भी अपनी अधिकारियों से चाटुकारिता करते हुए कोई कोर कसर बकाया नहीं छोड़ रखी है जबकि अन्य संस्थाएं उक्त गंगापुत्र से आजीज व  परेशान आ चुकी है। सूत्रों के अनुसार अभी हाल ही में एक जाने माने नीजी स्कूली बच्चों से एक एक हजार रपए गंगा तट पर पेड़ पौधे लगाने के नाम पर वसूलने का भी प्लान बनाया था लेकिन बच्चो के अभिभावकों के हस्तक्षेप के चलते योजना धरातल पर परवान होने से पहले ही धराश्यी हो गई । अब लॉकडाउन में उक्त कलयुगी गंगापुत्र ने एक धार्मिक संस्था को घेर लिया है ओर साथ ही एक चर्चित अधिकारी का चहेता बनकर अपनी दुकान खूब चला रहा है।