हरिद्वार। तीर्थ पुरोहित व ब्राह्मण समाज की वरिष्ठ समाज सेविका पूनम भगत ने पुरोहित व ब्राह्मण समाज की पीड़ा को समझते हुए अपने एक बयान में कहा कि तीर्थ पुरोहित समाज के कर्मकांड करने वाले पंडितों व ब्राह्मणों के साथ साथ छोटी-छोटी भजन संध्या करने वाले ब्राह्मणों गीतकारों की टीम अखंड रामायण पाठ करने वाली ब्राह्मणों की टोली, छोटे-छोटे गांव में भगवान की कथा बाचने वाले ब्राह्मणों और उनकी संगीत मंडली इस वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के लाक डाउन में पूरी तरह बेरोजगार हो चुके है केंद्र व प्रदेश सरकार को इस तीर्थ पुरोहित समाज व ब्राह्मण समाज की ओर ध्यान देना चाहिए। पूनम भगत ने कहा कि यह सब लोग न संगठित क्षेत्र में आते हैं और न असंगठित क्षेत्र में और ना ही मनरेगा में रजिस्टर्ड मजदूर हैं और ना ही बीपीएल में इनका नाम दर्ज है। ऐसे में इन लोगों के सामने रोजी रोटी के लाले पढ़ने लगे हैं। पूनम भगत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड़ की भारी-भरकम वाला सहायता राशि वाले बजट की घोषणा की है पर इस भारी-भरकम वाली योजना में से इन ब्राह्मणों के हिस्से में क्या आएगा या क्या मिलेगा किसी को मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के दौर में कोई भी स्वयंसेवी संगठन या संस्था ने इस कर्म कांड करने वाले ब्राह्मणों व पंडितों को इस आपातकाल की घड़ी में नहीं पूछा है ।पूनम भगत ने कहा कि ना ही कोई सरकारी योजनाओं से ब्राह्मणों की सहायता की जा रही है और ना ही हिंदू समाज पीड़ित ब्राह्मणों के लिए सहायता की सोच रख रहा है सच में कोई भी इस और सुध लेने वाला नहीं है।पूनमभगत ने कहा कि पुरोहितों ने धरातल पर कर्मकांड के द्वारा ही सही रूप में हिंदू धर्म को जीवित कर रखा है और इस दुख की घड़ी में किसी भी समाज का व्यक्ति साथ देने वाला नहीं दिख रहा है ।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आने वाली पीढ़ियों में कौन ब्राह्मण कर्मकांड करेगा यह कौन जान सकता है । उन्होंने कहाकि आने वाली पीढ़ी यह कर्मकांड का कर्म छोड़कर मनरेगा रोजगार ढूंढने लगेगी। समाजसेवी पूनम भगत ने कहा कि कम से कम इन ब्राह्मणों के यजमानों को अपने पुरोहितों की यथासंभव सहायता करनी चाहिए। क्योंकि
आपके पुरोहितों ने सदैव अपने यजमानों के कल्याण की कामना की है ।संसार के सभी कार्यक्षेत्र प्रोफेशनल है।
लोग आपका येन केन प्रकारेण दोहन करते है ।किंतु ब्राह्मण एक मात्र ऐसा व्यक्ति है जो आपके हित के लिए प्रार्थना करते हैं संकट की इस घड़ी में जब लगभग सभी का थोड़ा बहुत काम चल रहा ही है मजदूरों को सरकारी राशन मिल रहा है अनेक स्वयंसेवी संगठनों ने गरीबों को लगातार सहायता दी है सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह पेंशन मिल रही है प्राइवेट कर्मचारी भी तनख्वाह ले रहे हैं किंतु कर्मकांड ब्राह्मणों संव भजनसध्या करने वाले जागरण कथा आदि के संगीतकारों की कोई सुध लेने वाला नहीं है । पूनम भगत ने कहा कि तीर्थ पुरोहित समाज कर्मकांड करने वाले ब्राह्मण समाज को बचाने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए तभी समाज का भला हो सकता है उन्होंने सभी लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि इस आपातकाल की घड़ी में एकजुट होकर सरकार को भी अपनी पीड़ा बतानी चाहिए तभी सरकार इस समाज की ओर ध्यान देगी ।