लाकडाउन के दौरान खड़खड़ी पुलिस चौकी प्रभारी ने किए सर्विस के साथ साथ कई मानवतावादी काम


(हरि न्यूज़)


हरिद्वार। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते पुलिस ने अपनी छवि को समाज की दृष्टि में बहुत अच्छे से प्रस्तुत कर बताया है कि पुलिस समाज को कानून का पाठ पढ़ाने के साथ-साथ मानवतावादी चेहरा भी रखती है। जबकि समाज के कुछ लोग पुलिसिया कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाते रहते हैं उन सवालों का जबाब पुलिस विभाग ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते सामाजिक कार्य करके लोगों के सवालिया निशान का भी जवाब दे दिया है। इसी परिपेक्ष में खड़खड़ी चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान अपनी पुलिस सर्विस करने के साथ-साथ कई सामाजिक व मानवतावादी कार्य भी किए हैं जो क्षेत्र के लोगो से नहीं छिपे हैं चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने लॉकडाउन के दौरान  कोरोना महामारी के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए यम है हम की प्रस्तुति देकर लोगों को जागरुक करने का काम किया है। यम है हम कार्यक्रम को  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने ही नहीं बल्कि भारत की मीडिया ने भी बहुत सराहा और कई राष्ट्रीय चैनलों पर यम हैं हम का कार्यक्रम समाचारों के माध्यम से देश की जनता के सामने खूब पेश किया। यम है हम कार्यक्रम को समाज के जागरूक लोगों ने देखा और अन्य प्रदेशों की पुलिस प्रशासन ने भी देखकर प्रेरणा ली और यम हैं हम को अपना कर लोगों को जागरूक करने का काम किया है जिसका प्रभाव लोगों के दिल और दिमाग पर पड़ा और लोगों ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचने के लिए सभी वह कदम उठाए जो खड़खड़ी पुलिस चौकी द्वारा लोगों के सामने सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया के द्वारा प्रस्तुत किए गए। खड़खड़ी चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने लाक डाउन के दौरान एक प्रसव पीड़ा से पीड़ित इंदिरा बस्ती निवासी महिला रमा पत्नी नरेंद्र को एंबुलेंस 108 व 112 हेल्पलाइन के द्वारा मना करने पर अपने निजी वाहन से सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने का काम किया जिससे नरेंद्र के परिवार में जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित है और रमा नरेंद्र के घर में खुशियों का माहौल है इस इस खुशी का श्रेय भी खड़खड़ी पुलिस चौकी प्रभारी विजय प्रकाश को ही जाता है।  खड़खड़ी चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने लॉकडाउन के दौरान 11 साल से बिछड़े एक मां के लाल को भी मिलाने का बड़ा काम तहसील अमीन प्रदीप चौधरी के सहयोग से किया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज निवासी यशवंत विश्वकर्मा पुत्र कोदाई  विश्वकर्मा पिछले 11 वर्षों से लोहपार महाराजगंज से लापता था और महाराजगंज ने यशवंत विश्वकर्मा को मरा हुआ समझकर उसकी फाइल को बंद कर दिया था ।तो वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान उत्तराखंड पुलिस के मित्र पुलिस के सब इंस्पेक्टर खड़खड़ी चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने हरिद्वार तहसील के अमीन प्रदीप चौधरी की मदद से यशवंत विश्वकर्मा का मूल निवास व माता पिता का पता निकालने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ काम किया और सोशल मीडिया के माध्यम से 11 वर्ष पूर्व बिछड़े मां के लाल को उसके  मां आपसे मिलाने का काम किया जिसकी क्षेत्र के लोगों सहित यशवंत के मां बाप ने भूरी भूरी प्रशंसा की।लाक डाउन के दौरान खड़खड़ी पुलिस चौकी ने पुलिस का सामाजिक व मानवतावादी चेहरा प्रस्तुत कर लोगों के सवालिया निशान को भी धोने का काम किया।लाक डाउन के दौरान पुलिस चौकी प्रभारी द्वारा भूखे लोगों को भोजन व कई परिवारों को कच्चा राशन देकर भी चुपचाप सेवा की है। वैश्विक महामारी के दौरान किए गए मानवतावादी कार्यों से लगता है कि खड़खड़ी चौकी प्रभारी भी मानवतावादी कोरोना फाइटर हैं।