बरसात मे खुल जाती है हरिद्वार के विकास की पोल
हरिद्वार /हरिद्वार विकास प्राधिकरण का सुनियोजित विकास अधिनियम 1985 से तीर्थ नगरी हरिद्वार में लागू हो चुका है, जिसके तहत हरिद्वार का विकास किसी भी व्यक्ति से नहीं छिपा है, हरिद्वार विकास प्राधिकरण विकास के नाम पर लोगों को भवन के नाम पर नोटिस तो भेज देता है लेकिन विकास के नाम पर जीरो नजर आता है, तीर्थनगरी मे हरिद्वार विकास प्राधिकरण के विकास की पोल बरसात के दिनों में खुल जाती है और हरिद्वार के विकास की कई नई तस्वीरें सामने आने लगती है मुख्य मुख्य तस्वीरों में चंद्राचार्य चौक रानीपुर मोर भीमगोडा हर की पैड़ी क्षेत्र अबकी बार विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी की दीवार कभी बरसात में टूट जाना किसी से नहीं छुपा है बीती रात्रि बरसात मे उत्तरी हरिद्वार के भारतमाता पुरम मे लोगो के घरो व दुकान मे बरसात व सीवर का भारी पानी भरने से लोगो को भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा, स्थानीय निवासी समाजसेवी मा सतीश शर्मा ने बताया कि लोगो के घरो के अलावा विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए गए पार्क में भी पानी सेजमा होने से पार्क तालाब में तब्दील हो गई है तीस लाख रूपए की लागत से निर्मित पार्क अपनी स्थिति बयां कर रहा है लोगों के घरों सहित दुकानों मे भी पानी घुसने से लोगो का नुकसान भी बताया जा रहा है इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा ये तो केवल भगवान ही जान सकता है राजेश दुबे उमा तोमर अनिल रतूड़ी दिनेश अग्रवाल आदि लोगो की दुकान व मकान मे पानी भरने से नुकसान पहुंचा है.