कमंडल पार्टी के एक युवा नेता नीला निशान पार्टी से आजमा सकते हैं अपना भाग्य?

कमंडल पार्टी से अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले एक युवा नीले निशान से आजमा सकते हैं अपना भाग्य? 


प्रमोद गिरि 


हरिद्वार/राजनीति के इस दौर मे सिद्धांतवादी राजनीति की बात करें तो सूर्य को दिया दिखाने वाली बात होगी आज के दौर की राजनीति में सिद्धांतवादी राजनीति पर महत्वाकांक्षावादी राजनीति सिर चढ़कर बोल रही हैं चुनाव के पूर्व बड़े बड़े सिद्वान्तवादी नेता अपने सिद्धांत को ताक पर रखकर अपनी महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने में जुट जाते हैं और अपनी सैद्धांतिक पार्टी छोड़कर महत्वाकांक्षी पार्टी को चुनकर अपना लाभ अर्जित करते हैं उक्त महत्वाकांक्षी नेता देश प्रदेश के विकास को दरकिनार कर निजी स्वार्थ सिद्ध करने में लग जाते हैं, रानीतिक सूत्रों के अनुसार आजकल शहरी कमंडल पार्टी के एक युवा नेता भी अपना राजनैतिक भाग्य आजमाने के लिए अपने आका का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने आका को खुश करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र मे सक्रिय हो गए हैं युवा कमंडल नेता ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी त्यौहार हो या कार्यक्रम बिना किसी भेदभाव व सम्प्रदाय के नहीं छोड़ रहे हैं, पर ग्रमीण क्षेत्र मे पहले से ही मजबूत स्थिति  मे तैनात कमंडल पार्टी के विधायक युवा कमंडल नेता के ग्रामीण क्षेत्र मे पैर नहीं जमने दे रहे हैं तो युवा कमंडल नेता चुनाव से पहले कोई सा भी मौका ग्रामीण क्षेत्र मे नहीं गवा रहे हैं जिससे कमंडल नेता को चुनाव के दौरान बाहरी शब्द का सामना करने पड़े तो युवा कमंडल नेता हिन्दू मुस्लिम  समाज मे सक्रिय राजनीती कर रहे हैं  राजनैतिक सूत्रों के अनुसार युवा कमंडल नेता को ग्रामीण से प्रतिनिधित्व करने का कमंडल पार्टी मौका नहीं देती हैं तो युवा कमंडल नेता अपने आका की कुर्सी बचाने के लिए अपने राजनीतिक जीवन  को भी निछावर करने के लिए तैयार हैं इससे एक बात तो साबित हो जाती हैं कि उक्त युवा कमंडल नेता अपने जीवन का एक राजनैतिक भार तो उतार  देंगे पर बड़े नेताओं की राजनीति का अनुसरण कर अपने जीवन की राजनीतिक शुरुआत  करने वाली कमंडल पार्टी से कुछ समय के लिए त्याग कर नीला निशान पार्टी से अपना भाग्य आजमा सकते हैं?